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जयशंकर ने वैश्विक सप्लाई चेन में विविधता पर दिया जोर, एक क्षेत्र पर निर्भरता से बचने की अपील

अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया को उत्पादन और विनिर्माण के कई केंद्र विकसित करने चाहिए, ताकि किसी एक भूगोल पर निर्भरता कम हो।

जयशंकर ने वैश्विक सप्लाई चेन में विविधता पर दिया जोर, एक क्षेत्र पर निर्भरता से बचने की अपील

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को अधिक विविध बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन के बाद उन्होंने कहा कि दुनिया को उत्पादन और विनिर्माण के लिए किसी एक देश या क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए कई भौगोलिक क्षेत्रों में उत्पादन केंद्र विकसित करना जरूरी है।

जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण महत्वपूर्ण हो गया है। उत्पादन और विनिर्माण का एक ही क्षेत्र में अधिक केंद्रित होना दुनिया के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता विकसित करने से आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत हो सकती है।

महामारी और संघर्ष से मिले सबक

विदेश मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि किसी एक क्षेत्र पर निर्भर आपूर्ति व्यवस्था में व्यवधान आने से कई देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा युद्ध और संघर्ष तथा जलवायु संबंधी घटनाएं भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि देशों को आपूर्ति व्यवस्था का इस्तेमाल दबाव बनाने या उसे हथियार के रूप में उपयोग करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। उनके अनुसार, इस तरह के जोखिमों से निपटने का एक प्रभावी तरीका उत्पादन के कई केंद्र विकसित करना और आपूर्ति के विकल्प बढ़ाना है।

कई उत्पादन केंद्र विकसित करने की जरूरत

जयशंकर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को अधिक विविध उत्पादन और विनिर्माण व्यवस्था की जरूरत है। यदि अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पादन केंद्र मौजूद होंगे, तो किसी एक स्थान पर संकट आने की स्थिति में दूसरे केंद्रों से आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी।

उनका यह बयान वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग के संदर्भ में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत तथा अधिक लचीला बनाने की भारत की वकालत को सामने रखता है।

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