अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की खबर से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका गहराई है। एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड 0.5% बढ़कर 105.25 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच मंगलवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के क़ेश्म द्वीप पर हमला किए जाने की खबर के बाद आई। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने और वैश्विक तेल आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित रहने की आशंका बढ़ गई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को 01:04 GMT तक ब्रेंट क्रूड वायदा 48 सेंट यानी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 105.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 47 सेंट यानी 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.93 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर से बढ़ी चिंता
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर हमला किया। रिपोर्ट में कुछ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को रक्षात्मक बताया। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की स्वतंत्रता से रोकना था।
KCM Trade के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर ने कहा कि इस खबर ने तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम को फिर से बढ़ा दिया है। उनके मुताबिक, बाजार जब कूटनीतिक समाधान की संभावना को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा था, उसी समय सैन्य गतिविधियों की खबर ने बाजार का रुख बदल दिया।
कूटनीतिक बातचीत जारी, लेकिन समझौते पर सहमति नहीं
इस बीच, ईरान ने सोमवार को कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ संपर्क जारी हैं। कतर के मध्यस्थों के साथ कई दिनों तक चली बातचीत के बाद प्रस्तावों में बदलाव हुआ, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोमवार को ईरान पर दोबारा सैन्य हमले शुरू करने की अपनी चेतावनी को लेकर अनिश्चितता जताई। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ समझौता संभव है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने सरकार को शांति वार्ता के लिए कुछ अधिकार दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है। संघर्ष से पहले दुनिया की लगभग पांचवीं हिस्सेदारी वाला कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री मार्ग से गुजरता था।
इस मार्ग पर लंबे समय तक व्यवधान रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। तेल की ऊंची कीमतें अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों को भी प्रभावित कर रही हैं, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप पर संघर्ष समाप्त करने का दबाव बढ़ रहा है।
अक्टूबर के अंत में ब्रेंट क्रूड छह महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ था। बाजार में यह चिंता बनी हुई है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद मध्य पूर्व में संघर्ष फिर तेज हो सकता है।
यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता की भी तैयारी
इसी बीच अमेरिका 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने, युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा होगी।
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