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शांति वार्ता की उम्मीद के बीच कीव पर रूसी मिसाइल हमला, क्या खत्म होगा यूक्रेन युद्ध?

रूस ने अमेरिका और यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर शुरू करने की इच्छा जताई है, लेकिन इसी बीच कीव पर मिसाइल हमला हुआ। जेलेंस्की ने मौजूदा मोर्चे पर युद्ध रोकने की पेशकश की है।

शांति वार्ता की उम्मीद के बीच कीव पर रूसी मिसाइल हमला, क्या खत्म होगा यूक्रेन युद्ध?

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की उम्मीद एक बार फिर जगी है। अमेरिका की कोशिशों के बीच रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन और अमेरिका के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है। लेकिन इस बयान के कुछ ही घंटों के भीतर यूक्रेन की राजधानी कीव पर फिर मिसाइल हमला हुआ। इससे एक बार फिर सवाल उठने लगा है कि क्या दोनों देश वास्तव में शांति की तरफ बढ़ रहे हैं या बातचीत के साथ-साथ युद्ध भी जारी रहेगा?

21 अक्टूबर की रात कीव में कई घरों को निशाना बनाया गया। शहर के मेयर विताली क्लिचको के मुताबिक, इस हमले में छह लोग घायल हुए। यह हमला ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका की ओर से युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

पुतिन और ट्रंप के प्रतिनिधि के बीच क्या बातचीत हुई?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म कराने के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को रूस भेजा था। विटकॉफ ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की। इससे पहले वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी बातचीत कर चुके थे। अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर भी इस कूटनीतिक प्रयास में शामिल हैं।

रूस के राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बातचीत के बाद कहा कि रूस अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है। इसका मतलब है कि तीनों पक्ष एक ही बातचीत में शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगली बैठक नवंबर में संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में हो सकती है। हालांकि, बातचीत की तारीख और उसके एजेंडे को लेकर अभी अंतिम पुष्टि जरूरी है।

यहां एक बात समझना जरूरी है। बातचीत शुरू करने की सहमति और युद्ध खत्म करने पर सहमति, दोनों अलग-अलग चीजें हैं। फिलहाल बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना सामने आई है, लेकिन युद्ध समाप्त करने के लिए किन शर्तों पर सहमति बनेगी, यह स्पष्ट नहीं है।

जेलेंस्की युद्ध रोकने के लिए क्या चाहते हैं?

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि उनका देश मौजूदा युद्ध मोर्चे पर लड़ाई रोकने के समझौते पर विचार करने के लिए तैयार है।

आसान भाषा में समझें तो दोनों देशों की सेनाएं इस समय जहां तैनात हैं, वहां लड़ाई रोक दी जाए और आगे किसी भी तरफ से हमले न हों। जेलेंस्की ने इसे युद्ध में लोगों की जान बचाने की दिशा में जरूरी कदम बताया है।

हालांकि, युद्ध रोकने के साथ यूक्रेन की सुरक्षा भी एक बड़ा सवाल है। यूक्रेन चाहता है कि उसे मजबूत सुरक्षा गारंटी मिले, ताकि भविष्य में रूस दोबारा हमला न करे। जेलेंस्की के मुताबिक, सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आगे बातचीत हो सकती है।

दूसरी तरफ, रूस की ओर से बातचीत में पेश किए गए प्रस्तावों को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। पुतिन के सहयोगी उशाकोव ने कहा कि यूक्रेन और उसके सहयोगियों की ओर से रखे गए विचार बहुत उपयोगी नहीं थे। इससे साफ है कि दोनों पक्षों के बीच अभी कई बड़े मतभेद बने हुए हैं।

ट्रंप को क्यों लग रहा है कि युद्ध खत्म हो सकता है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में दुनिया पहले से ज्यादा करीब है। ट्रंप पहले भी दावा करते रहे हैं कि वह इस युद्ध को खत्म कराने में सफल हो सकते हैं।

लेकिन अब तक उनकी कोशिशों से युद्ध समाप्त नहीं हुआ है। रूस और यूक्रेन के बीच क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा और भविष्य की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर मतभेद कायम हैं।

रूस का कहना है कि उसकी सेना युद्ध के मोर्चे पर आगे बढ़ रही है। यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी इस दावे से सहमत नहीं हैं और युद्ध के मोर्चे पर स्थिति को लगभग गतिरोध वाला बताते हैं।

रूस ने 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। मौजूदा स्थिति में यूक्रेन का लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र रूस के नियंत्रण में बताया जाता है। ऐसे में किसी भी शांति समझौते में क्षेत्र और सुरक्षा से जुड़े सवाल बेहद अहम होंगे।

अमेरिका और यूक्रेन के बीच भी बढ़े हैं मतभेद

इस पूरी बातचीत के बीच अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला है। ट्रंप ने जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यूक्रेन की ओर से किसी दूसरे व्यक्ति को बातचीत करनी चाहिए।

यूक्रेन ने यह चिंता भी जताई थी कि रूस की मिसाइलों के हमलों से पहले नागरिकों को चेतावनी देने के लिए जरूरी अमेरिकी खुफिया जानकारी समय पर नहीं मिल रही थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन आरोपों को खारिज किया। बाद में जेलेंस्की ने कहा कि खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था अब काम कर रही है।

इसके अलावा, यूक्रेन की सेना ने अमेरिकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक पर गति संबंधी पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई थी। यूक्रेनी सेना युद्ध के दौरान ड्रोन संचालन में इस तरह की सेवाओं का इस्तेमाल करती है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस मामले में जानबूझकर सेवा धीमी करने का अनुरोध किए जाने से इनकार किया है।

ये विवाद दिखाते हैं कि युद्ध समाप्त कराने की कोशिश केवल रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत तक सीमित नहीं है। इसमें अमेरिका की भूमिका, सैन्य सहायता और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल हैं।

क्या अब युद्ध खत्म होने की उम्मीद की जा सकती है?

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की संभावना बनी है। रूस की सैद्धांतिक सहमति और जेलेंस्की की मौजूदा मोर्चे पर युद्ध रोकने की पेशकश बातचीत को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकती है।

लेकिन दूसरी तरफ कीव पर मिसाइल हमला यह भी दिखाता है कि जमीन पर हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। जब तक दोनों पक्ष हमले रोकने, सुरक्षा की गारंटी देने और विवादित मुद्दों पर किसी समझौते तक नहीं पहुंचते, तब तक युद्ध खत्म होने का दावा करना जल्दबाजी होगी।

आने वाले दिनों में सबसे अहम बात यह होगी कि क्या रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर ठोस प्रस्तावों पर चर्चा कर पाते हैं। क्योंकि शांति की उम्मीद केवल बयानों से नहीं, बल्कि जमीन पर हिंसा रुकने और किसी व्यावहारिक समझौते तक पहुंचने से पूरी होगी।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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