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बेटी का भविष्य संवारने सऊदी अरब गई स्वीटी, फांसी की खबर से टूटा परिवार

बांग्लादेश की स्वीटी अख्तर मक्का की ग्रैंड मस्जिद में सफाईकर्मी का काम करती थी। व्यभिचार के आरोपों में उसे फांसी दे दी गई। परिवार का कहना है कि उसे सजा की पहले से जानकारी नहीं थी।

बेटी का भविष्य संवारने सऊदी अरब गई स्वीटी, फांसी की खबर से टूटा परिवार

बांग्लादेश की रहने वाली स्वीटी अख्तर अपनी बेटी को बेहतर जिंदगी देना चाहती थी। आर्थिक तंगी और दो असफल शादियों के बाद उसने सऊदी अरब जाने का फैसला किया। उसे उम्मीद थी कि वहां नौकरी करके वह अपनी बेटी का भविष्य संवार सकेगी। लेकिन जिस कमाई के सहारे वह अपने परिवार की मदद करना चाहती थी, वही सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।

इंडिया टुडे, द डेली स्टार, बीबीसी बांग्ला और प्रथम आलो की रिपोर्टों के मुताबिक, स्वीटी को सऊदी अरब में व्यभिचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे फांसी दे दी गई। परिवार का कहना है कि उसे मौत की सजा दिए जाने की पहले से जानकारी नहीं थी।

आठवीं में शादी, फिर दो बार टूटा रिश्ता

स्वीटी मध्य बांग्लादेश के तंगाइल जिले के मिर्जापुर इलाके के एक गांव की रहने वाली थी। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी।

जब स्वीटी आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी, तभी उसकी शादी कर दी गई। पहली शादी टूटने के बाद वह अपनी बेटी के साथ मायके लौट आई। बाद में परिवार के दबाव में उसने दूसरी शादी की, लेकिन दूसरा पति भी उसे छोड़कर चला गया।

इन मुश्किलों के बीच स्वीटी ने विदेश जाकर काम करने का फैसला किया। उसकी बेटी उस समय छोटी थी और परिवार चाहता था कि उसे बेहतर जिंदगी मिल सके।

कर्ज लेकर सऊदी अरब गई थी स्वीटी

द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीटी के पिता ने उसे सऊदी अरब भेजने के लिए 1.5 लाख बांग्लादेशी टका का कर्ज लिया था। मार्च 2023 में वह एक भर्ती एजेंसी के जरिए सऊदी अरब पहुंची और मक्का की ग्रैंड मस्जिद में सफाईकर्मी के तौर पर काम करने लगी।

शुरुआत में वह घर पैसे भेजती रही, लेकिन कुछ महीनों बाद पैसे आने बंद हो गए। फिर एक दिन स्वीटी ने फोन करके अपने पिता को बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है।

अगस्त 2023 में हुई गिरफ्तारी

रिपोर्टों के अनुसार, स्वीटी को 2 अगस्त 2023 को व्यभिचार के आरोपों में हिरासत में लिया गया था। उसके साथ काम करने वाले बांग्लादेशी नागरिक नाजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर को भी गिरफ्तार किया गया था।

स्वीटी के पिता के मुताबिक, बेटी ने उन्हें गिरफ्तारी की अलग वजह बताई थी। उसने कहा था कि कुछ महिला सहकर्मियों के कथित तौर पर अवैध तरीके से कार खरीदने के मामले में उसे भी गिरफ्तार किया गया है। परिवार को आशंका थी कि उसे गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया।

हालांकि, ये परिवार की ओर से बताए गए विवरण हैं। मामले में आरोपों, अदालत की कार्यवाही और फैसले की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

फांसी से एक दिन पहले पिता से हुई थी बात

स्वीटी जेल में रहते हुए भी अपने परिवार से फोन पर बात करती थी। उसके पिता ने बताया कि उन्होंने 13 अक्टूबर को उससे आखिरी बार बात की थी। उस बातचीत में स्वीटी ने अपनी मौत की सजा के बारे में कुछ नहीं बताया।

परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द जेल से बाहर आ जाएगी। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि स्वीटी को फांसी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बहन को इस बारे में एक दोस्त के भेजे फेसबुक वीडियो से जानकारी मिली।

14 अक्टूबर को सऊदी अरब ने स्वीटी अख्तर और नाजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर को फांसी दिए जाने की घोषणा की थी।

बांग्लादेश को पहले सूचना नहीं मिलने का दावा

इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठा कि क्या सऊदी अरब ने फांसी से पहले बांग्लादेश को इसकी जानकारी दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश के राजनयिक मिशन ने कहा कि उसे पहले से सूचना नहीं मिली थी। बांग्लादेश ने दोनों मामलों में फैसलों की प्रतियां और न्यायिक कार्यवाही से जुड़ी जानकारी मांगी।

स्वीटी के परिवार का कहना है कि उन्हें भी अधिकारियों की ओर से सीधे उसकी मौत की आधिकारिक सूचना नहीं मिली। उसकी मां जोहोरा बेगम ने बेटी का शव वापस बांग्लादेश लाने की गुहार लगाई है, ताकि परिवार उसे आखिरी बार देख सके।

जिस परिवार ने स्वीटी को विदेश भेजने के लिए कर्ज लिया था, उसे उम्मीद थी कि वह काम करके लौटेगी और घर की हालत सुधारेगी। अब परिवार की मांग सिर्फ इतनी है कि बेटी का शव वापस आए और वे उसे आखिरी विदाई दे सकें।

✓ संपादकीय जाँच: प्रूफ़रीडिंग DP Singh · प्रकाशन की मंज़ूरी DP Singh · हमारे मानक

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